सेवा संख्या 02·Tripindi Shraddha
त्रिपिंडी श्राद्ध विधि एवं महात्म्य
यदि किसी कारणवश तीन पीढ़ियों से अधिक समय से वार्षिक श्राद्ध छूट गया हो, या पितृ दोष की शांति अभीष्ट हो, तो सात्विक, राजसिक एवं तामसिक तीनों प्रकार के पितरों की तृप्ति के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध किया जाता है।
यह विधि किसके लिए आवश्यक है?
जिनके परिवार में पितृ दोष हो, बार-बार रुकावटें आ रही हों, या श्राद्ध छूट गए हों।
विधि के मुख्य बिंदु:
ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों देवों का आह्वान
सत्व, रज, तम दोषों का निवारण
वंश वृद्धि एवं पारिवारिक सुख-शांति
इस अनुष्ठान में क्या-क्या सम्मिलित है?
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त्रिपिंडी कलश स्थापन व वैदिक मंत्रोच्चार✓
विशेष तर्पण एवं पिंड विसर्जन✓
पूरी पूजा सामग्री व दक्षिणा विवरणतीर्थ पुरोहित का संदेश
“त्रिपिंडी श्राद्ध एक अत्यंत सूक्ष्म और श्रद्धापूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। हम सुनिश्चित करते हैं कि बिना किसी जल्दबाजी के, मंत्रोच्चार और गोत्र संकल्प के साथ यह संपन्न हो।”
— पं. आनंद कुमार गुपुत (गया जी तीर्थ पुरोहित)
सीधा परामर्श
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