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THE HOLY PILGRIMAGE OF GAYA JI

गया जी तीर्थ एवं यात्रा मार्गदर्शन

सनातन संस्कृति में गया जी को 'पितृ मुक्ति तीर्थ' के रूप में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त है। यहाँ की प्रमुख पावन वेदियों और पहुँचने के सुगम मार्गों की संपूर्ण जानकारी।

विष्णुपद मंदिर
Vishnupad Temple

विष्णुपद मंदिर

भगवान श्री विष्णु के चरण चिह्न का पावन धाम

विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के पदचिह्न (चरण चिह्न) अष्टकोणीय रजत कुंड में स्थापित हैं। यहाँ पिंड अर्पण करने से पितरों को सीधे वैकुंठ लोक की प्राप्ति मानी जाती है।

महत्व: मुख्य पिंडदान वेदी, जहाँ भगवान विष्णु ने गयासुर पर अपना पदचिह्न स्थापित किया था।
पवित्र फल्गु नदी (अंतःसलिला)
Falgu River

पवित्र फल्गु नदी (अंतःसलिला)

आदि तीर्थ जहाँ प्रथम तर्पण एवं बालू पिंड अर्पण होता है

माता सीता द्वारा बालू से पिंडदान करने की प्राचीन कथा फल्गु नदी से जुड़ी है। यहाँ सर्वप्रथम स्नान, आचमन व पितृ तर्पण किया जाता है।

महत्व: त्रिवेदी का प्रथम तीर्थ, जहाँ प्रवाहमयी व अंतःसलिला धारा में पितरों को जलंजलि दी जाती है।
अक्षयवट धाम
Akshayavat

अक्षयवट धाम

अक्षय तृप्ति एवं सुफल का अमर वटवृक्ष

अक्षयवट वह अमर वटवृक्ष है जहाँ माता सीता के आशीर्वाद से यह वृक्ष सदा अमर रहा। यहाँ पिंडदान के अंतिम चरण में 'सुफल' लिया जाता है, जिससे पितरों को अक्षय (सदा के लिए) तृप्ति मिलती है।

महत्व: पिंडदान का समापन स्थल, जहाँ ब्राह्मण को सुफल देकर यात्रा की पूर्णता होती है।
TRAVEL GUIDE

गया जी कैसे पहुँचें?

रेल मार्ग द्वारा (By Train)

गया जंक्शन (Gaya Jn - कोड: GAYA) देश के सभी प्रमुख नगरों (दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, वाराणसी, लखनऊ, पटना आदि) से ग्रैंड कॉर्ड रेल मार्ग पर स्थित है। रेलवे स्टेशन से विष्णुपद मंदिर की दूरी मात्र ४.५ किलोमीटर है।

वायु मार्ग द्वारा (By Flight)

गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (GAY) मुख्य शहर से १० किमी की दूरी पर है। इसके अतिरिक्त पटना का जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डा (PAT) गया से लगभग १०० किमी दूरी पर है, जहाँ से नियमित टैक्सी और ट्रेन उपलब्ध हैं।

सड़क मार्ग द्वारा (By Road)

गया जी राष्ट्रीय राजमार्ग NH-2 (Grand Trunk Road / Dobhi) से केवल ३० किमी दूरी पर स्थित है। पटना, वाराणसी, रांची, धनबाद और कोलकाता से उत्तम बसें और टैक्सियां संचालित हैं।

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