गया जी तीर्थ एवं यात्रा मार्गदर्शन
सनातन संस्कृति में गया जी को 'पितृ मुक्ति तीर्थ' के रूप में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त है। यहाँ की प्रमुख पावन वेदियों और पहुँचने के सुगम मार्गों की संपूर्ण जानकारी।

विष्णुपद मंदिर
भगवान श्री विष्णु के चरण चिह्न का पावन धाम
विष्णुपद मंदिर में भगवान विष्णु के पदचिह्न (चरण चिह्न) अष्टकोणीय रजत कुंड में स्थापित हैं। यहाँ पिंड अर्पण करने से पितरों को सीधे वैकुंठ लोक की प्राप्ति मानी जाती है।

पवित्र फल्गु नदी (अंतःसलिला)
आदि तीर्थ जहाँ प्रथम तर्पण एवं बालू पिंड अर्पण होता है
माता सीता द्वारा बालू से पिंडदान करने की प्राचीन कथा फल्गु नदी से जुड़ी है। यहाँ सर्वप्रथम स्नान, आचमन व पितृ तर्पण किया जाता है।

अक्षयवट धाम
अक्षय तृप्ति एवं सुफल का अमर वटवृक्ष
अक्षयवट वह अमर वटवृक्ष है जहाँ माता सीता के आशीर्वाद से यह वृक्ष सदा अमर रहा। यहाँ पिंडदान के अंतिम चरण में 'सुफल' लिया जाता है, जिससे पितरों को अक्षय (सदा के लिए) तृप्ति मिलती है।
गया जी कैसे पहुँचें?
रेल मार्ग द्वारा (By Train)
गया जंक्शन (Gaya Jn - कोड: GAYA) देश के सभी प्रमुख नगरों (दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, वाराणसी, लखनऊ, पटना आदि) से ग्रैंड कॉर्ड रेल मार्ग पर स्थित है। रेलवे स्टेशन से विष्णुपद मंदिर की दूरी मात्र ४.५ किलोमीटर है।
वायु मार्ग द्वारा (By Flight)
गया अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (GAY) मुख्य शहर से १० किमी की दूरी पर है। इसके अतिरिक्त पटना का जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डा (PAT) गया से लगभग १०० किमी दूरी पर है, जहाँ से नियमित टैक्सी और ट्रेन उपलब्ध हैं।
सड़क मार्ग द्वारा (By Road)
गया जी राष्ट्रीय राजमार्ग NH-2 (Grand Trunk Road / Dobhi) से केवल ३० किमी दूरी पर स्थित है। पटना, वाराणसी, रांची, धनबाद और कोलकाता से उत्तम बसें और टैक्सियां संचालित हैं।