GAYA JI · PIND DAAN & SHRADDHA

गया जी में पिंडदानपूरी श्रद्धा के साथ।

अपने पूर्वजों के लिए गया जी में पिंडदान की पूरी विधि, एक अनुभवी तीर्थ पुरोहित पं. आनंद कुमार गुपुत जी के व्यक्तिगत मार्गदर्शन में।

पंडित जी से बात करें
सीधे पंडित जी से बात · कोई बिचौलिया नहीं (No Middlemen)
पं. आनंद कुमार गुपुत
गया जी तीर्थ पुरोहित
पं. आनंद कुमार गुपुत
प्राचीन गया जी तीर्थ पुरोहित परंपरा
Direct Pandit Ji
Clear Dakshina
Personal Guidance
Puja Samagri Included
एक सरल शुरुआत

पिंडदान की शुरुआतसही मार्गदर्शन से होती है।

गया जी में पिंडदान एक अत्यंत महत्वपूर्ण सनातन धार्मिक परंपरा है। पहली बार आने वाले परिवारों के लिए विधि, तिथि, स्थान और आवश्यक तैयारी को समझना सरल नहीं होता। PindaanPanditJi का उद्देश्य इस पूरी पावन प्रक्रिया को सरल, स्पष्ट, पारदर्शी और व्यक्तिगत बनाना है।

पिंडदान विधि के बारे में विस्तार से जानें
आपकी आवश्यकता के अनुसार

पितृ कर्म की विधि

शास्त्रसम्मत वैदिक परंपराओं के अनुसार प्रत्येक परिवार की विशेष स्थिति के अनुरूप पूर्ण प्रामाणिक अनुष्ठान।

01Gaya Ji Pind Daan

पिंडदान

गया जी में पूर्वजों के लिए पारंपरिक पिंडदान विधि।

02Tripindi Shraddha

त्रिपिंडी श्राद्ध

परंपरागत विधि के अनुसार विशेष पितृ कर्म।

03Narayan Bali

नारायण बलि

विशेष परिस्थितियों में की जाने वाली वैदिक विधि।

04Annual Shraddha

वार्षिक श्राद्ध

तिथि के अनुसार वार्षिक पितृ कर्म।

PIND DAAN · GAYA JI

एक पूरी तरह guided Pind Daan journey

आपकी तिथि और परिवार की आवश्यकता के अनुसार पंडित जी पूरी प्रक्रिया समझाते हैं और गया जी में आवश्यक विधि में व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन करते हैं।

फल्गु नदी (Falgu River)विष्णुपद मंदिर (Vishnupad Mandir)अक्षयवट (Akshayavat)
पारदर्शी दक्षिणा विवरण
संपूर्ण त्रिवेदी पिंडदान
तिथि, परिजनों की संख्या और विशेष संकल्प के आधार पर पूर्व निर्धारित स्पष्ट विवरण। कोई छिपा हुआ शुल्क नहीं।
पं. आनंद कुमार गुपुत जी का व्यक्तिगत वैदिक मार्गदर्शन
संपूर्ण शुद्ध पूजा सामग्री (जौ का आटा, तिल, कुशा, रोली, धूप, दीप, पात्र)
फल्गु नदी घाट पर तर्पण एवं प्रथम संकल्प विधि
विष्णुपद मंदिर प्रांगण में चरण दर्शन व मुख्य पिंडदान
अक्षयवट धाम पर अक्षय तृप्ति संकल्प व सुफल विधि
पं. आनंद कुमार गुपुत
YOUR PANDIT JI

पं. आनंद कुमार गुपुत

गया जी तीर्थ पुरोहित · प्राचीन परंपरा

“हर परिवार के लिए पिंडदान केवल एक विधि नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा का पावन अवसर है। मेरा सतत प्रयास रहता है कि परिवार को पूरी प्रक्रिया पहले से समझ आए और पूजा पूर्ण शांति, शुद्धता एवं श्रद्धापूर्वक संपन्न हो।”

परंपरा
गया जी तीर्थ पुरोहित
स्थान
विष्णुपद, गया जी
विशेषज्ञता
पिंडदान · श्राद्ध · पितृ कर्म
हमारा दृष्टिकोण

क्यों PindaanPanditJi?

एक ही पंडित जी

आपको अलग-अलग पंडितों या बिचौलियों में से चुनने या भटकने की जरूरत नहीं। पूरी व्यवस्था सीधे पं. आनंद कुमार गुपुत जी के अधीन होती है।

पहले से स्पष्ट जानकारी

विधि, आवश्यक सामग्री, तिथि, तैयारी और दक्षिणा की समस्त जानकारी आने से पहले ही स्पष्ट रूप से साझा की जाती है।

व्यक्तिगत मार्गदर्शन

आपके परिवार के गोत्र, परिस्थिति और समय के अनुसार सीधे पंडित जी से व्यक्तिगत रूप से बात करके निश्चिंत होकर आएं।

सरल एवं सुव्यवस्थित प्रक्रिया

आपकी यात्रा, चार सरल चरणों में

01

बात करें

पंडित जी से फोन या WhatsApp पर अपनी तिथि व परिवार की स्थिति साझा करें।

02

विधि समझें

पिंडदान की आवश्यक तैयारी, गोत्र विवरण और दक्षिणा की पूर्व जानकारी प्राप्त करें।

03

गया जी आएँ

निश्चिंत होकर गया जी पहुँचें, जहाँ पूर्व निर्धारित समय पर व्यवस्था तैयार रहेगी।

04

पिंडदान संपन्न करें

पं. आनंद कुमार गुपुत जी के सान्निध्य में श्रद्धापूर्वक संपूर्ण त्रिवेदी अनुष्ठान पूर्ण करें।

Vishnupad Temple & Falgu Ghat, Gaya Ji
GAYA JI · THE SACRED TIRTHA

गया जी क्योंमहत्वपूर्ण है?

गया जी को सनातन परंपरा में पितृ कर्म के सर्वोपरि महातीर्थ के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त है। गरुड़ पुराण एवं वायु पुराण के अनुसार, यहाँ किए गए पिंडदान और तर्पण से इक्कीस पीढ़ियों के पितृ तृप्त होकर मोक्ष गति प्राप्त करते हैं।

प्रामाणिक अनुष्ठान

कुछ वास्तविक क्षण

गया जी में पं. आनंद कुमार गुपुत जी के साथ संपन्न हुई पिंडदान विधि के कुछ पावन एवं शांत क्षण।

शास्त्रोक्त सामग्री एवं पिंड निर्माण
शास्त्रोक्त सामग्री एवं पिंड निर्माण
जौ, तिल, कुशा व शुद्ध गंगाजल से निर्मित पावन पिंड
पं. आनंद कुमार गुपुत जी
पं. आनंद कुमार गुपुत जी
पवित्र तीर्थ वेदी पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन
विष्णुपद मंदिर व फल्गु घाट
विष्णुपद मंदिर व फल्गु घाट
प्रातःकालीन पावन बेला में तीर्थ दर्शन
श्रद्धापूर्वक संपन्न अनुष्ठान
श्रद्धापूर्वक संपन्न अनुष्ठान
परिवारों द्वारा शांति एवं पूर्ण कृतज्ञता से पितृ तर्पण
अनुभव एवं विश्वास

परिवारों के अनुभव

“Pandit Ji ने पूरी प्रक्रिया पहले ही समझा दी थी। गया पहुँचने के बाद हमें किसी चीज़ की चिंता नहीं करनी पड़ी। सब कुछ अत्यंत शांत और श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ।”

— राजेश कुमार
दिल्ली (Delhi)त्रिवेदी पिंडदान

“पूरी प्रक्रिया बहुत शांत और व्यवस्थित रही। Pandit Ji ने हर मंत्र और हर चरण का अर्थ हमें समझाया। दक्षिणा भी पहले से स्पष्ट थी।”

— অমিত শর্মা / अमित शर्मा
कोलकाता / Bengaluruत्रिपिंडी श्राद्ध

“हम पहली बार गया जी आए थे और मन में बहुत संकोच था। पंडित जी के व्यक्तिगत मार्गदर्शन ने हमें बहुत संबल दिया। पूर्वजों की शांति का सच्चा संतोष मिला।”

— सुरेश नारायण जोशी
मुंबई (Mumbai)वार्षिक पिंडदान एवं तर्पण
स्पष्टता एवं समाधान

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गया जी में पिंडदान, विधि, दक्षिणा एवं व्यवस्था से जुड़े आवश्यक प्रश्न।

सामान्यतः अधिकांश परिवार १ दिन का 'त्रिवेदी पिंडदान' (फल्गु नदी, विष्णुपद एवं अक्षयवट) संपन्न करते हैं, जिसमें लगभग ३ से ४ घंटे का समय लगता है। विशेष परिस्थितियों में ३ दिन, ७ दिन अथवा १७ दिवसीय विधान भी होता है। आप अपनी सुविधानुसार १ दिन का विधान भी पूर्ण श्रद्धा से कर सकते हैं।

क्या आपका कोई अन्य प्रश्न है जिसका उत्तर यहाँ नहीं मिला?

सीधे पंडित जी से WhatsApp पर पूछें →
पवित्र संकल्प

अपने पितरों के लिए गया जी आएँ।

पिंडदान की विधि, शुभ तिथि और अपनी यात्रा के बारे में सीधे पं. आनंद कुमार गुपुत जी से बात करें और निश्चिंत होकर पधारें।

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पं. आनंद कुमार गुपुत · विष्णुपद मंदिर मार्ग, गया जी · फोन: +91 91990 93561
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