सेवा संख्या 01·Gaya Ji Pind Daan
पिंडदान विधि एवं महात्म्य
गया जी में फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर एवं अक्षयवट की त्रिवेदी पर शास्त्रोक्त विधि से पिंडदान व तर्पण कर्म। इससे पितरों को मोक्ष और परिवार को शांति प्राप्त होती है।
यह विधि किसके लिए आवश्यक है?
माता-पिता, पूर्वजों एवं समस्त ज्ञात-अज्ञात कुल पितरों की सद्गति हेतु।
विधि के मुख्य बिंदु:
शास्त्रोक्त संकल्प व पितृ आह्वान
जौ, तिल, कुशा व दुग्ध से शुद्ध पिंड निर्माण
विष्णु चरण दर्शन व अक्षयवट पर सुफल
इस अनुष्ठान में क्या-क्या सम्मिलित है?
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पं. आनंद कुमार गुपुत जी का संपूर्ण वैदिक मार्गदर्शन✓
संपूर्ण शुद्ध पूजा सामग्री (जौ, तिल, कुशा, पात्र, फूल)✓
तीनों मुख्य वेदियों पर संकल्प व विधि✓
अक्षयवट सुफल दक्षिणा मार्गदर्शनतीर्थ पुरोहित का संदेश
“पिंडदान एक अत्यंत सूक्ष्म और श्रद्धापूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। हम सुनिश्चित करते हैं कि बिना किसी जल्दबाजी के, मंत्रोच्चार और गोत्र संकल्प के साथ यह संपन्न हो।”
— पं. आनंद कुमार गुपुत (गया जी तीर्थ पुरोहित)
सीधा परामर्श
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